सतोपंथ हिमशिखर के पास एक अनाम चोटी पर तिरंगा फहराते नेवी के पर्वतारोही।
- फोटो : Amar Ujala
नेवी के पर्वतारोही दल ने गंगोत्री हिमालय क्षेत्र के सबसे ऊंचे सतोपंथ हिमशिखर (7075 मीटर) पर तिरंगा लहराकर अपने जोश और जज्बे का परिचय दिया। दल में शामिल पर्वतारोहियों के बुलंद हौसले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सतोपंथ पर आरोहण के अगले ही दिन उन्होंने पास ही 6020 मीटर ऊंची एक अनाम चोटी पर भी सफलतापूर्वक आरोहण किया।
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से विगत 27 मई को रवाना हुआ नेवी का बारह सदस्यीय पर्वतारोही दल गंगोत्री, गोमुख, नंदनवन होते हुए दो जून को बेस कैंप वासुकीताल पहुंचा। यहां से दल ने अपना सामान 4950 मीटर ऊंचाई पर एडवांस बेस कैंप तक पहुंचाया। छह जून को एडवांस बेस कैंप स्थापित करने के बाद यह दल कैंप-1, कैंप-2 और फिर 15 जून को समिट कैंप तक पहुंचा। 16 जून की तड़के आरोहण शुरू कर दल के लीडर लेफ्टिनेंट कमांडर विनीत दोषी, डिप्टी लीडर ले.कमांडर रामेश्वर पुरी एवं सुधीर सिंह, चीफ पेटी ऑफिसर बीएस नेगी, पीटीआई संदीप एवं सी-1 ओडी शर्मा सतोपंथ शिखर पर पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने वहां तिरंगा और नेवी का ध्वज फहराकर खुशी का इजहार किया।
दल में शामिल पर्वतारोहियों के कदम यहीं नहीं थमे। सतोपंथ से उतरते हुए उन्होंने पास ही 6020 मीटर ऊंची एक अनाम चोटी पर भी सफलतापूर्वक आरोहण कर नेवी का झंडा फहराया। इस चोटी पर टीम लीडर, डिप्टी लीडर एवं ओडी शर्मा के साथ ही कमांडर उदया और सी-1 सौरभ हेमंत ने भी सफल आरोहण किया। बुधवार को निम उत्तरकाशी पहुंचने पर सभी लोगों ने दल के सदस्यों को पर्वतारोहण अभियान सफल होने की बधाई दी।
स्वच्छता अभियान भी चलाया
उत्तरकाशी। दल के लीडर ले.कमांडर विनीत दोषी ने बताया कि लौटते हुए दल के सदस्यों ने वासुकीताल बेस कैंप पर सफाई अभियान चलाया। उन्होंने यहां पूर्व में पर्यटकों द्वारा छोड़ा गया करीब पचास किलो कचरा एकत्र कर वन विभाग के कनखू बैरियर पर जमा कराया। दल के सदस्यों ने मार्ग में पर्यटकों को स्वच्छता का संदेश दिया।