देव डोलियों के मिलन तथा मेलार्थियों के उत्साह के बीच बृहस्पतिवार को पौराणिक माघ मेले का रंगारंग आगाज हुआ। क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता की डोली और हरि महाराज के ढोल की मौजूदगी में सीएम के सलाहकार रंजीत रावत ने मेले का उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह में सीएम के सलाहकार रावत ने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण सीएम नहीं आ पाए। विधायक विजयपाल सजवाण ने पीजी कालेज में संचालित स्ववित्त पोषित बीएड कालेज को राजकीय करने तथा इंद्रावती एवं धनपति नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य समेत अन्य मांगों का ज्ञापन सौंपा।
शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार ने माघ मेला को विकास मेले का स्वरूप देने में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
इस मौके पर विकास पुस्तिका तथा सौम्यकाशी, कंडार देवता एवं पंचकोसी महात्म्य पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, विधायक मालचंद, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा, डीएम विनय शंकर पांडेय, एसपी अनंत शंकर ताकवाले, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश रमोला, प्रमुख चंदन पंवार, कनकपाल परमार, कुलदीप बिष्ट, गिरवीर परमार आदि मौजूद रहे।
चमाला की चौरी पर हुआ देव डोलियों का मिलन
माघ मेले के पहले दिन भैरवचौक स्थित चमाला की चौरी पर देव डोलियों का मिलन हुआ। बाड़ाहाट, बाड़ागड्डी के साथ ही अन्य स्थानों से आई देव डोलियों के साथ ग्रामीणों ने नृत्य किया।
मकर संक्रांति स्नान पर्व पर गंगा स्नान के लिए पहुंची देव डोलियों ने काशी विश्वनाथ सहित नगर के तमाम मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
पहले दिन खाली रही कई दुकानें
माघ मेला परिसर में पहले दिन पूरी दुकानें नहीं सज पाई। बाहर से आए व्यापारी अपनी दुकानें सजाने में जुटे रहे। पहले दिन बड़ी संख्या में व्यापारिक स्टाल खाली रहे। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मेलार्थियों ने सजी हुई दुकानों से खूब खरीददारी की।