नाबार्ड के सहयोग से बोंगा में परियोजना का किया गया शुभारंभ
उत्तरकाशी। पहाड़ में खेती का अधिकांश बोझ संभालने वाली महिलाओं को अब कठिन कृषि कार्यों से राहत मिलेगी। खेत की जुताई से लेकर फसल कटाई तक के काम आधुनिक कृषि उपकरणों से आसान किए जाएंगे। नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से संचालित परियोजना का शुभारंभ बोंगा गांव में हुआ। इसके तहत चयनित महिला किसानों को पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित आधुनिक और बैटरी चालित कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के तहत शुरू की गई परियोजना में चयनित महिला किसानों को खेत तैयार करने से लेकर फसल कटाई तक उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा और स्टेपअपिफाई की ओर से विकसित उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा ने कहा कि कृषि उपकरणों के उपयोग से महिलाओं के श्रम और समय की बचत होगी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक पारित गुप्ता ने बताया कि डीजल के स्थान पर बैटरी चालित कृषि यंत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे खेती आसान होने के साथ महिला किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गौरव पपने ने उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी। अग्रणी जिला प्रबंधक बीएन सिंह ने बैंक की कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। संस्था अध्यक्ष केएन बहुगुणा ने परियोजना को महिला किसानों के लिए उपयोगी बताया। इस दौरान कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया।