उत्तरकाशी। अगस्त 2012 और जून 2013 की आपदा में तबाह हुई सड़क एवं पुल का अभी तक निर्माण न होने से गुस्साए जोशियाड़ा लदाड़ी क्षेत्र के आपदा प्रभावितों ने शुक्रवार से बेमियादी धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। सरकार की घोषणा के बावजूद बिजली और पानी के बिल माफ न होने से भी प्रभावितों में है।
आपदा प्रभावितों का कहना है कि आपदा के साढ़े तीन साल बाद भी जोशियाड़ा झूला पुल नहीं बन पाया है, जिससे क्षेत्र का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित है। सड़क न बनने से दर्जनों घरों तक आवाजाही का रास्ता नहीं है। लोग दूसरों के घरों की दीवारें फांद कर आवाजाही करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आपदा प्रभावित व्यापारियों के नुकसान का आकलन कर इसकी क्षतिपूर्ति की घोषणा भी की थी, लेकिन अभी तक प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा नहीं दिया गया।
इन तमाम समस्याओं और मांगों को लेकर क्षेत्र के आपदा प्रभावितों ने शुक्रवार से जोशियाड़ा उपतहसील कार्यालय परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठने वालों में विजय बहादुर रावत, बलवीर सिंह, दशरथ प्रसाद, मनमोहन गुंबर, रघुवीर सिंह, चिरंजीव सिंह, गिरीश भट्ट, गजेंद्र प्रसाद, शैलेंद्र गुसाईं, कीर्ति प्रसाद आदि दर्जनों आपदा प्रभावित शामिल रहे।