गंगोत्री में ब्रह्मलीन स्वामी सुंदरानंद को समाधि देने से पूर्व मंत्रोच्चारण कर श्रद्धांजलि दे?
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प्रख्यात योगी, साधक, पर्वतारोही एवं फोटोग्राफर ब्रह्मलीन स्वामी सुंदरानंद को गंगोत्री स्थित उनकी साधना स्थली के निकट भू समाधि दी गई। कई प्रख्यात संत एवं गणमान्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने गंगोत्री धाम पहुंचे। इससे पूर्व बृहस्पतिवार रात को उजेली उत्तरकाशी में भी कई लोगों ने उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए।
स्वामी तपोवन महाराज के शिष्य स्वामी सुंदरानंद लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। 97 वर्ष की आयु में बीते बुधवार को देहरादून में उनका देहांत हो गया था। बृहस्पतिवार को उनके पार्थिव शरीर को उत्तरकाशी लाया गया। यहां उजेली स्थित तपोवन कुटी में गंगोत्री विधायक गोपाल रावत समेत तमाम संतों एवं गणमान्य लोगों ने उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार को स्वामी सुंदरानंद का पार्थिव शरीर गंगोत्री धाम ले जाया गया। धराली से आगे स्वामी सुंदरानंद व्यू प्वाइंट पर भी उनके पार्थिव शरीर को रखकर उनके अनुयायियों ने उनकी स्मृतियों को ताजा किया। कई वर्षों से स्वामी जी की सेवा में लगे डा.अशोक लूथरा ने बताया कि स्वामी जी की इच्छा के अनुरूप गंगोत्री स्थित उनके साधना स्थली तपोवन कुटी के दाहिनी ओर भोज वृक्ष की छाया में उन्हें भू समाधि दी गई है। इस मौके पर नासिक से पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी समिधानंद, हरिद्वार से आए स्वामी अवधेशानंद एवं स्वामी संतोषानंद, गंगोत्री के संत स्वामी निरंजन, प्रख्यात फोटोग्राफर थ्रीश कपूर, सेवानिवृत्त जज वीके माहेश्वरी, दिल्ली से आए राजेश एवं अभिनव आचार्य, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सेवाश्रम मनेरी के चतर सिंह, आमोद पंवार, मुलायम असवाल, कार्तिकेय लूथरा, लोकेंद्र बिष्ट आदि अनेक लोग मौजूद रहे।