विवाह का दिन तय करने व किसी समस्या के समाधान में निर्णय देने के लिए चर्चित बाडाहाट के आठ गांवों के आराध्य कंडार देवता का संग्राली गांव में दो दिवसीय भंडाणी मेला शुरू हो गया। पहले दिन युवा मंगल दल की ओर से मेले को स्वच्छता अभियान के तहत मनाया।
कंडार देवता बाडाहाट, बसुंगा, बग्याल गांव, पाटा, संग्राली, लक्षेश्वर, क्षेत्रपाल व खांड गांव के सर्वमान्य देवता है। यहां के लोग विवाह की तिथि या अन्य मुहूर्त निकालने के लिए कभी पंचांग का सहारा नहीं लेते। कंडार देवता ही सब तय करता है। प्रति वर्ष इस बार भी दो दिनों तक चलने वाले मेले में आठ गांव के लोग जमा होते हैं।
संग्राली गांव के लोग अपने घरों में बाहर से आने वाले सभी आगंतुकों के भोजन व चाय आदि की व्यवस्था करते हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद देवता की डोली को प्रांगण में निकालकर श्रद्धालुओं के कंधों पर रासौं नृत्य के लिए आसीन किया जाता है।
इस बार दो दिन तक चलने वाले मेले के अंतिम दिन सरकारी व गैर सरकारी स्टाल लगाए जाएंगे। रविवार को मेले के पहले दिन संग्राली के युवा मंगल दल के सदस्यों ने गांव में स्वच्छता अभियान चला कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर युवा मंगल दल के अध्यक्ष संदीप सेमवाल, सचिव शिव नैथानी, गोविंद नैथानी, दिवाकर नैथानी, प्रदीप, योगेश भट्ट, शेखर, भजन नौटियाल आदि मौजूद थे।