आपदा से क्षतिग्रस्त केदारघाट से जड़भरत मार्ग की मरम्मत नहीं होने से नगरवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि वे इस संबंध में शासन-प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। डीएम को दिए ज्ञापन में जड़भरत मोहल्लावासियों ने बताया कि वर्ष 2012 की बाढ़ में केदारघाट से जड़भरत मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था।
उन्होंने बताया कि पहले उन्हें लगा कि सुरक्षा दीवार निर्माण के दौरान मार्ग स्वत: ही बन जाएगा, लेकिन तीन साल की प्रतिक्षा के बाद भी समस्या हल नहीं हो पाई।
बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्य में लगी कंपनी ने सुरक्षा दीवार की भरान का कार्य सही ढंग से नहीं किया। साथ ही कंपनी ने शहर के क्षतिग्रस्त पुराने मकानों का मलबा भी यहीं उड़ेल दिया है, जिससे मार्ग ओर उबड़-खाबड़ हो गया है।
ऐसे में वाहन ही नहीं, लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि मार्ग मरम्मत के लिए उन्होंने पालिका को भी पत्र भेजा, लेकिन चार माह बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया।
बताया कि पालिका को शहर के सुंदरीकरण और सड़कों के लिए चार करोड़ 50 लाख रुपये मिले हैं, इसी धनराशि से मार्ग की मरम्मत की जा सकती है।
ज्ञापन देने वालों में केशवानंद पुरी, धर्मेंद्र कुमार, संगीता, साधना पंवार, आस्था, मुनेंद्र, आशा, जय कृष्ण, अंशिका, दिव्या सहित कई के हस्ताक्षर हैं।