चकराता वन प्रभाग की बावर रेंज अंतर्गत दारागाड़ और देवघार रेंज के अंतर्गत संगरेट बीट के जंगल बीते दो दिन से धू-धूकर जल रहे हैं। आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। वन कर्मचारी आग पर काबू पाने के काम में जुटे हुए हैं। दूर से ही आग की लपटें नजर आ रही हैं।
संगरेट बीट अंतर्गत मेंद्रथ, भूटीधार, दारमीगाड़ बैंड, बागी गांव और दारागाड़ बीट अंतर्गत कैराड़, पोरली खड्ड के पास आग लगी हुई है। आग की चपेट में आकर अब तक कई हेक्टेयर में खड़ी वन संपदा जलकर राख हो चुकी है। वन विभाग के साथ ही क्षेत्रीय ग्रामीण भी आग पर काबू पाने के लिए विभागीय अधिकारियों की मदद कर रहे हैं। उप प्रभागीय वन अधिकारी कैलाश चंद्र पांडे ने बताया ज्यादा इलाकों में आग पर काबू पा लिया गया है।
कुछ इलाकों में अब भी धुंआ उठता दिख रहा है। जहां आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि इस साल क्षेत्र में बहुत कम बारिश हुई है। इसके कारण आग तेजी से फैल रही है। बताया कि मामले में संबंधित रेंजाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
चारा पत्ती में लगी आतिशबाजी की चिंगारी
नेवी गांव में बरात में छोड़े गए पटाखों और आतिशबाजी की चिंगारी पास ही स्थित एक घर के पास रखे चारा पत्ती के ढेर में जा लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने पास ही खड़े पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
जानकारी के अनुसार शनिवार को नेवी गांव में गबेला गांव से एक बरात पहुंची। बरात के गांव में पहुंचते ही बरातियों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। इस दौरान एक चिंगारी चारा पत्ती के ढेर पर जा लगी। इससे चारा पत्ती के ढेर में आग लग गई। कुरोली गांव के गुलाब सिंह ने बताया कि आग से अरविंद राय और रण सिंह का मवेशियों के लिए रखा चारा-पत्ती जल गया। साथ ही 50 से अधिक आम के पेड़ और 10 नींबू के पेड़ भी झुलस गए।
काशीपुर में धरती से आग धधकने को लेकर लोगों के बीच कौतूहल बना हुआ है। मौके पर फायर ब्रिगेड के अधिकारी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी पहुंचे। पानी डालते ही आग तेज लपटों के साथ धधक रही है। काफी जद्दोजहद के बाद भी आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। फायर संरक्षा और आईओसी की टीमें जांच में जुटी हैं।
खड़कपुर देवीपुरा में महादेव नहर के पास द्रोण विहार कॉलोनी है। इस नहर से करीब आठ मीटर की दूरी पर अडानी ग्रुप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की गैस पाइपलाइन है। पास में ही तिलकराज वाधवा की जनरल मर्चेंट की दुकान है। उनके बेटे कपिल वाधवा ने शनिवार दोपहर नहर के पास धुआं उठते देखा। उन्होंने इस बात की सूचना सोसायटी के वर्किंग मेंबर एनके गौड़ को दी।
गौड़ की सूचना पर एएफएसओ गिरीश सिंह के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने धुएं पर पानी का छिड़काव किया, तो अचानक 20 से 25 फुट ऊंची आग की लपटें उठने लगीं। ब्रिगेड की टीम ने आग पर बालू और रेत डालकर उसे बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग फिर भी धधकती रही। इसके बाद आईजीएल से फायर के सीनियर इंजीनियर शुभम के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने लो-एक्स्प्लोसिव लिमिट (एलईएल) में हाइड्रो कार्बन की मौजूदगी की संभावना जताई। हाइड्रो कार्बन मीटर से चेक करने पर 15 प्रतिशत से अधिक एलईएल होना पाया गया। उन्होंने नहर से कुछ दूरी पर डाली गई गैस लाइन में लीकेज होने की आशंका जताई। सूचना पर अदानी ग्रुप के सुपरवाइजर मो. शमी भी टीम के साथ वहां पहुंच गए।
उन्होंने गैस पाइप लाइन में लीकेज होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि लाइन में गैस का प्रेशर होल्ड किया, तो भी प्रेशर ड्रॉप नहीं हुआ। शमी ने बताया कि लाइन में अगर थोड़ी सी भी लीकेज होती तो प्रेशर ड्रॉप हो जाता। उन्होंने कहा कि विद्युत लाइन की अर्थिंग के कारण भी ऐसा हो सकता है। लीकेज चेक करने के लिए फिलहाल खुदाई की जा रही है। इसे लेकर कॉलोनी में उत्सुकता बनी हुई है।