तिलोथ विद्युत गृह एवं कालोनी क्षेत्र में अवैध खोखों की बाढ़ के खिलाफ जल विद्युत निगम ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को प्रशासन के सहयोग से यहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर अवैध खोखे हटा दिए गए। इस एकतरफा कार्रवाई पर रोष जताते हुए तिलोथ गांव के भूमि अध्याप्त परिवारों ने डीएम से मिलकर आजीविका चलाने के लिए अस्थाई दुकानें लगाने की अनुमति मांगी है।
मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना के तिलोथ विद्युतगृह और जल विद्युत निगम की कालोनी वाले हिस्से में बढ़ते अवैध अतिक्रमण के खिलाफ निगम के कर्मचारियों ने प्रशासन से शिकायत की। उन्होंने बताया कि अवैध अतिक्रमण से न सिर्फ कालोनी का माहौल खराब हो रहा है, बल्कि क्षेत्र की शांति भंग होने की आशंका बनी हुई है।
निगम के कर्मचारी नेता रतन लाल वर्मा, एलम सिंह पंवार, सुबोध थपलियाल आदि ने बताया कि पूर्व में यहां कुछेक खोखे लगे थे, लेकिन बीते एक माह के भीतर ही यहां करीब डेढ़ दर्जन नए खोखे लगाकर अतिक्रमण कर लिया गया। इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने बुधवार को प्रशासन के सहयोग से अवैध खोखे हटवा दिए।
निगम की इस कार्रवाई से गुस्साए ग्रामीण बृहस्पतिवार को डीएम से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए उनकी बेशकीमती जमीन कौड़ियों के भाव अधिग्रहित की गई। इसके बाद से कई भूमि अध्याप्त परिवारों की आजीविका इसी तरह की अस्थाई दुकानों में रोजगार करके ही चल रही है।
उन्होंने डीएम से इस मामले में कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएम ने निगम के अधिकारियों से वार्ता का भरोसा दिलाया, लेकिन साथ ही अवैध अतिक्रमण किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने की बात कही। इस मौके पर दिनेश उनियाल, सतीश गुसाईं, सुरेंद्र नौटियाल, आशुतोष भट्ट, बचन सिंह, राकेश सेमवाल आदि मौजूद रहे।