विभाग ने 184 काश्तकारों से खरीदा गया 227 मीट्रिक टन सेब
उत्तरकाशी। उद्यान विभाग की ओर से हर्षिल घाटी के सेब काश्तकारों को कोल्ड स्टोरेज में अपने सेब उपलब्ध करवाने की अंतिम तिथि एक नवंबर रखी गई है। वहीं अब तक उद्यान विभाग की ओर से क्षेत्र के करीब 184 काश्तकारों का करीब 227 मीट्रिक टन सेब खरीदकर झाला स्थित कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब घाटी में सेब तुड़ान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इसलिए एक नवंबर तक ही सेब खरीदे जाएंगे।
बीते पांच अगस्त को धराली आपदा के दौरान गंगोत्री हाईवे जगह-जगह बंद होने के कारण सितंबर में हर्षिल घाटी में सेब के खरीदार और मंडियों से कारोबारी नहीं पहुंचे। उसके बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों के सभी काश्तकारों के सेब प्रदेश सरकार खरीदेगी। उसके बाद उद्यान विभाग की ओर से 51 रुपये प्रति किलो की कीमत से रॉयल डेलिसियस और 45 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रेड डेलिसियस और अन्य प्रजातियों सहित 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सी ग्रेड के सेब खरीदे गए।
वहीं इस बीच कई काश्तकारों ने उद्यान विभाग को सेब नहीं देकर सीधा मंडी के कारोबारियों को बेच दिया। सहायक उद्यान अधिकारी टीएस पुंडीर ने बताया कि इस वर्ष हर्षिल घाटी में करीब तीन हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ है। इसमें से करीब 227 मीट्रिक टन सेब को उद्यान विभाग ने काश्तकारों से खरीदकर कोल्ड स्टोरेज झाला में जमा किया गया है। बीते सोमवार तक 184 काश्तकारों से सेब खरीदा है। सभी लोगों के बैंक एकाउंट लेकर उनकी सूची तैयार की जा रही है। एक नवंबर तक अंतिम सेब लिया जाएगा। उसके बाद से काश्तकारों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।