फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह माह से नहीं मिला मानदेय, अब हटाने का फरमान

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले कोविड-19 के आउटसोर्स कर्मचारियों को बीते छह माह से रुका हुए मानदेय भुगतान करने के बजाय अब उन्हें नौकरी से हटाने का फरमान जारी कर दिया गया है। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने रुका हुआ मानदेय देने व रिक्त पदों के सापेक्ष सेवा विस्तार की मांग करते हुए एक मार्च से आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन

बीते वर्ष कोराना संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार ने प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की थी। इन कर्मचारियों ने शुरूआती दौर में संक्रमण के खतरे के बीच जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं। हैरानी की बात है कि इन कर्मचारियों को बीते छह माह से मानदेय भुगतान नहीं किया गया है। इस पर तो कार्रवाई नहीं हुई उल्टा अब इन कर्मचारियों को 28 फरवरी से कार्य से हटाने के आदेश दिए गए हैं।
शुक्रवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर रुका हुआ मानदेय दिलाने व जिले में उपलब्ध रिक्त पदों पर समायोजित कर सेवा विस्तार देने की मांग की। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने एक मार्च से बेमियादी धरना आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में अजय, गौरव, सिद्धार्थ ममगाईं, नंदिता, दीपिका चौहान, सागर नेगी, मोनिका, अखिलेश भट्ट, पूजा पंवार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें