पुरोला। दूरस्थ आराकोट-बंगाण क्षेत्र के 22 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। आराकोट और टिकोची के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से मरीजों को त्यूणी, रोहड़ू और मोरी तक जाना पड़ता है।
कोठीगाड और मासमोर पट्टी के गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट और एलोपैथिक उप स्वास्थ्य केंद्र टिकोची पर है। इसके बावजूद दोनों केंद्रों में स्थायी चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। पर्याप्त स्टाफ नहीं होने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मनमोहन सिंह चौहान ने देहरादून में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की। उन्होंने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित चिकित्सकों के साथ स्टाफ नर्स, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों की जल्द तैनाती की मांग उठाई। मंत्री ने व्यवस्था का आश्वासन दिया। संवाद