मोरी उत्तरकाशी के खेड़ाघाटी क्षेत्र में सूपिन नदी के तेज प्रवाह में लकड़ी की बलियां डालकर सुरक्?
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सूपिन नदी के उफान से जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग पर यातायात ठप हो गया है। यहां खेड़ा घाटी में अस्थायी लकड़ी का पुल खतरे की जद में आने और इसकी एप्रोच रोड बहने से प्रशासन ने यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी है। ऐसे में क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों को जोखिम के साथ नदी पार कर पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
मोरी ब्लॉक के दूरस्थ फिताड़ी, राला, कांसला, रेक्चा, हरिपुर व लिवाड़ी गांवों को जोड़ने वाले जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग के खेड़ा घाटी क्षेत्र में सूपिन नदी पर लकड़ी का अस्थायी पुल बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बारिश से सूपिन नदी में उफान आने से इस पुल की एप्रोच रोड बह गई है और पुल खतरे की जद में आ गया है।
क्षेत्र के प्रहलाद रावत, दुर्गेश लाल ने बताया कि उक्त स्थान पर पीएमजीएसवाई की ओर से 54 मीटर स्पान का गार्डर पुल बनाया जाना था, लेकिन वर्षों बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। मोरी के तहसीलदार बीआर सरियाल ने बताया कि खतरे को देखते हुए वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। हालात सामान्य होते ही आवाजाही सुचारु करा दी जाएगी।
खेड़ा घाटी क्षेत्र में खतरे की जद में आए अस्थायी पुल से कुछ किमी की दूरी पर ही दूसरा पुल मौजूद है, जिसके सहारे सुगम तरीके से आवाजाही हो रही है। पीएमजीएसवाई की तरफ से प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। हालांकि ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय राजस्व अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए भेज दिया गया है।