डीएम दफ्तर के बगल में बन रहा एनआईसी एवं निर्वाचन भवन जनपद में विकास के हाल को बयां कर रहा है। वर्ष 2004 में स्वीकृत वरुणावत पैकेज के तहत 2.68 करोड़ रुपये लागत से यहां तीन मंजिला भवन का निर्माण होना था।
11 साल बीतने के बाद स्थिति यह है कि अब सिर्फ दो मंजिला भवन ही बन रहा है और इसको पूरा करने के लिए भी अभी और एक करोड़ रुपये की जरूरत है।
सितंबर 2003 में वरुणावत भूस्खलन से दर्जनों बहुमंजिले सरकारी एवं गैर सरकारी भवन तबाह हो गए थे और बड़ा आबादी क्षेत्र भूस्खलन के खतरे की जद में आ गया था।
वर्ष 2004 में केंद्र सरकार ने वरुणावत ट्रीटमेंट और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 282.54 करोड़ का भारी भरकम पैकेज स्वीकृत किया। इसमें डीएम कार्यालय के बगल में निर्वाचन कार्यालय एवं एनआईसी की तीन मंजिला बिल्डिंग के लिए 2.68 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ।
तब से डिजाइन, तकनीकी स्वीकृति आदि तमाम औपचारिकताओं और सरकारी फाइलों में उलझे भवन का निर्माण कार्य लोनिवि ने वर्ष 2011-12 में शुरू कराया।
इतने समय में निर्माण लागत में इजाफा होने के कारण इस भवन का रिवाइज्ड इस्टीमेट स्वीकृत कराने के बजाय अधिकारियों ने तीन की बजाय दो मंजिला भवन बनाने पर ही सहमति बना ली।
निर्माण की सुस्त रफ्तार के चलते चार साल बाद भी भवन तैयार नहीं हो पाया है। स्वीकृत बजट खर्च हो चुका है। अभी कई और कार्य होने शेष हैं।
विभाग के अधिकारी अब मार्च 2016 तक भवन का स्ट्रक्चर पूरा करने की बात कह रहे हैं, जबकि इसी दो मंजिला भवन में अवशेष सिविल कार्य, जनरेटर, इंटरनेट आदि कार्यों के लिए और एक करोड़ रुपये की जरूरत बता रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि समय पर भवन का निर्माण होता, तो इतने ही बजट में तीन मंजिला भवन पूरी तरह बन जाता।
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डिजाइन, तकनीकी स्वीकृति आदि में हुए विलंब और आखिरी समय में इसके डिजाइन में बदलाव के कारण ही भवन की लागत बढ़ गई। तत्कालीन डीएम एवं विभाग के अधिकारियों की ओर से पड़ताल कर दो मंजिला भवन बनाने का निर्णय हुआ। अभी भवन के अवशेष कार्यों को पूरा करने के लिए और एक करोड़ रुपये की जरूरत है।
अशोक चौहान, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड उत्तरकाशी।
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वरुणावत पैकेज से कराए गए कार्यों में भारी घोटाला हुआ। कई गड़बड़ियां तो पूर्व में लोकायुक्त की जांच में भी सामने आ चुकी है। तीन मंजिला स्वीकृत भवन दो मंजिल में ही सिमट जाना सरकारी कार्यशैली को उजागर करता है। इस पूरे पैकेज की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, तो बड़ा घोटाला सामने आएगा।
बुद्धि सिंह पंवार, संयोजक, लोक सेवक संघ उत्तरकाशी।