गोस्वामी गणेश दत्त सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षकों और प्रबंधन के बीच का विवाद बढ़ता जा रहा है। मांगों को लेकर विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी शुक्रवार से धरने पर डटे हैं। जिससे विद्यालय में शिक्षण कार्य ठप पड़ा है। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों के आंदोलन को नियमविरुद्ध बताते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शांति व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
उक्त विद्यालय को विद्या भारती के सुपुर्द करने का कयास लगाते हुए इसके विरोध में शिक्षकों ने प्रबंधन समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 19 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल के बाद विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने 26 जुलाई से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताली शिक्षकों की मांग है कि उक्त विद्यालय का स्वतंत्र संचालन कर किसी अन्य संगठन या विद्या भारती को न सौंपा जाए। प्रबंधन के कोई आश्वासन न देने पर आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। धरना प्रदर्शन करने वालों में जयप्रकाश भट्ट, विजयप्रकाश, योगेंद्र प्रसाद, मुकेश चंद्र, भवानी दत्त, यतेंद्र बिष्ट, ममराज आदि तमाम शिक्षक कर्मचारी शामिल रहे।
शुक्रवार को आंदोलित शिक्षकों द्वारा इसी प्रबंधन के तहत संचालित पब्लिक स्कूल के शिक्षकों को भी आंदोलन में शामिल करने की कोशिश की थी जिस पर प्रबंध समिति ने पुलिस प्रशासन से इसकी शिकायत की। जिस कारण पब्लिक स्कूल के पास पुलिस तैनात की गई है।
प्रबंधक स्वामी मनीषानंद(मुनिराम चौधरी) का कहना है कि शिक्षकों की हड़ताल नियम विरुद्ध है। शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिक्षकों की मांगों को प्रबंध समिति की बैठक में ही निर्णय होगा।