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सिक्योर हिमालय के तहत किया जाएगा वन पंचायतों का सुदृढ़ीकरण

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सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत उत्तरकाशी वन प्रभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में वन पंचायतों की मजबूती तथा वनाग्नि नियंत्रण में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई। बीते फायर सीजन में वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 14 वन पंचायतों को सम्मानित किया गया। साथ ही बालिका दिवस के उपलक्ष्य में प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी शिवांगी डिमरी को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का सम्मान दिया गया।
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शुक्रवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के ऑडिटोरियम में गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत हिमालय से लगे क्षेत्रों में रहने वालों की आजीविका मजबूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने वन संबंधी कार्यों में वन पंचायतों की भूमिका तय कर उन्हें मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यशाला में डीएम डा .आशीष चौहान ने चीड़ की पत्तियां (पिरूल) संग्रह संबंधी योजनाओं की जानकारी देते हुए इसे वनाग्नि नियंत्रण और आजीविका संवर्द्धन के लिए महत्वपूर्ण बताया। डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि वन पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आगामी फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने में वन पंचायतों से सहयोग की अपील की।
इस मौके पर बीते फायर सीजन में वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की 14 वन पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में रिलायंस फाउंडेशन के कमलेश गुरुरानी एवं गणेशपुर की पूर्व प्रधान पुष्पा चौहान आदि विशेषज्ञों ने वन पंचायतों की आजीविका संवर्द्धन के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट, गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक एनबी शर्मा, डीएफओ आरबी सिंह, एसडीओ ओपी मंदवाल, रेंजर रविंद्र पुंडीर, बीएस राणा, नागेंद्र रावत, लाखीराम आर्य, अतोल परमार, नितिन पंत, संजय सिंह, एमपी मिश्रा आदि अनेक वन अधिकारी, कर्मचारी एवं वन पंचायत सरपंच मौजूद रहे।
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