ग्रामीणों को खेतों में काम करने के लिए समूह में जाने की दी सलाह
नौगांव (उत्तरकाशी)। कफनौल गांव में भालू के हमले में ग्रामीण के घायल होने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। भालू को क्षेत्र से दूर भगाने के लिए विभाग ने दो टीमें गठित कर अलग-अलग स्थानों पर तैनात की हैं। टीमें ग्रामीणों के साथ मिलकर भालू की संभावित लोकेशन पर पहुंचेंगी और पटाखे फोड़कर उसे आबादी से दूर भगाने का प्रयास करेंगी। वहीं, विभाग ने ग्रामीणों को खेतों में काम करने के लिए समूह में जाने की सलाह दी है।
शुक्रवार दोपहर कफनौल गांव में भालू ने रणवीर सिंह कफोला पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। घायल का देहरादून में उपचार चल रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि हमले वाले स्थान से कुछ दूरी पर ग्रामीणों के सेब के बाग हैं। यहां कुछ महीने पहले परागण के लिए मधुमक्खियों के बॉक्स रखे गए थे, जिन्हें भालू ने नुकसान पहुंचाया है।
आशंका जताई जा रही है कि शहद की गंध के कारण भालू इस क्षेत्र में पहुंचा होगा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी क्षेत्र में भालू दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी थी। वन क्षेत्राधिकारी मुंगरा सैंती रेंज विवेक चौहान ने बताया कि भालू को आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने के लिए दो टीमें तैनात की गई हैं।
टीमें ग्रामीणों के सहयोग से संभावित स्थानों पर अभियान चलाएंगी। उन्होंने बताया कि भालू के हमले में घायल व्यक्ति को तीन लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। नियमानुसार, पीड़ित को 30 प्रतिशत धनराशि प्रारंभिक तौर पर दी जा रही है। शेष राशि सभी चिकित्सकीय दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद जारी की जाएगी।
नौगांव (उत्तरकाशी)। कफनौल गांव में भालू के हमले में ग्रामीण के घायल होने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। भालू को क्षेत्र से दूर भगाने के लिए विभाग ने दो टीमें गठित कर अलग-अलग स्थानों पर तैनात की हैं। टीमें ग्रामीणों के साथ मिलकर भालू की संभावित लोकेशन पर पहुंचेंगी और पटाखे फोड़कर उसे आबादी से दूर भगाने का प्रयास करेंगी। वहीं, विभाग ने ग्रामीणों को खेतों में काम करने के लिए समूह में जाने की सलाह दी है।
शुक्रवार दोपहर कफनौल गांव में भालू ने रणवीर सिंह कफोला पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। घायल का देहरादून में उपचार चल रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि हमले वाले स्थान से कुछ दूरी पर ग्रामीणों के सेब के बाग हैं। यहां कुछ महीने पहले परागण के लिए मधुमक्खियों के बॉक्स रखे गए थे, जिन्हें भालू ने नुकसान पहुंचाया है।
आशंका जताई जा रही है कि शहद की गंध के कारण भालू इस क्षेत्र में पहुंचा होगा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी क्षेत्र में भालू दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी थी। वन क्षेत्राधिकारी मुंगरा सैंती रेंज विवेक चौहान ने बताया कि भालू को आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने के लिए दो टीमें तैनात की गई हैं।
टीमें ग्रामीणों के सहयोग से संभावित स्थानों पर अभियान चलाएंगी। उन्होंने बताया कि भालू के हमले में घायल व्यक्ति को तीन लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। नियमानुसार, पीड़ित को 30 प्रतिशत धनराशि प्रारंभिक तौर पर दी जा रही है। शेष राशि सभी चिकित्सकीय दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद जारी की जाएगी।