वर्षों पहले मंजूर सड़कों के नहीं बनने पर अब जनता का धैर्य जवाब देने लगा है।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को पहाड़ के तमाम हिस्सों में लोग सड़क पर उतर आए।
उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लाक के दो गांवों के ग्रामीणों ने तहसील में सांकेतिक तालाबंदी की।
चमोली जिले की निजमुला घाटी के सुदूर गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए घाटी के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया।
रुद्रप्रयाग जिले में भरदार क्षेत्र की लंबित सड़कों के निर्माण और पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री प्रीतम पंवार का घेराव किया।
समीक्षा बैठक लेने जा रहे प्रभारी मंत्री को घेरा
रुद्रप्रयाग। भरदार क्षेत्र की लंबित सड़कों के निर्माण और रौठिया-जवाड़ी व भरदार पेयजल योजना के निर्माण में हो रही देरी से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में शामिल होने जा रहे प्रभारी मंत्री प्रीतम पंवार का भी घेराव किया और लगभग आधे घंटे सड़क पर जाम लगाए रखा।
प्रभारी मंत्री के आश्वासन पर ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी ने किया।
उन्होंने कहा कि सड़क नहीं होने से भरदार क्षेत्र विकास में पिछड़ गया है।
जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि 31 मार्च तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर जनता आंदोलन तेज करेगी।
कलेक्ट्रेट में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से जनता सड़क व पानी की मांग कर रही है, लेकिन शासन-प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारी क्षेत्र की उपेक्षा कर रहे हैं।
अब क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन में भाजपा नेता भरत सिंह चौधरी, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कप्रवान, भरदार जन विकास मंच के अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, प्रधान बर्सू सुरेंद्र सिंह बिष्ट, त्रिलोक रावत, जसपाल भारती, विकास डिमरी आदि शामिल थे।
--------------
चिन्यालीसौड़ में तहसील पर ठोका ताला
चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। कोट एवं बागी गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग पर ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में सांकेतिक तालाबंदी कर प्रदर्शन किया और धरना दिया।
ब्लाक के कोट एवं बागी गांव को सड़क से जोड़ने की मांग वर्षों से की जा रही है।
वर्ष 2006 में सड़क स्वीकृति के साथ 46 लाख रुपये का आगणन तैयार तो हुआ, लेकिन इसके बाद से यह सड़क विभागों के बीच उलझी हुई है।
सोमवार को बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण शीघ्र शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
आंदोलन की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने बताया कि केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति की फरवरी में होने वाली बैठक में सड़क को वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
पीएमजीएसवाई के ईई राजकुमार ने बताया कि सड़क के लिए छह करोड़ की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही मार्च में सड़क का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
अधिकारियों के आश्वासन पर ही ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में नगर पंचायत अध्यक्ष शूरवीर रांगड़, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसुंदर नौटियाल, धर्मानंद बिजल्वाण, वीरेंद्र पंवार, सोहन लाल खंडूड़ी, गोपाल, गोविंद, रणवीर राणा, प्रतिमा, शैला, मुलमा, सुनीता, प्रेमवती, प्रमिला आदि शामिल थे।
---------------------------------------
निजमुलाघाटी वासियों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
गोपेश्वर। निजमुला घाटी के सुदूर गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर सोमवार को घाटी के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर सांकेतिक धरना दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि गांवों को जल्द ही सड़क से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो आगामी सीजन में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन बिरही में बदरीनाथ हाईवे जाम किया जाएगा।
ग्रामीण बीते कई वर्षों से ब्यारा-धारकुमाला सड़क के निर्माण की मांग उठा रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी और कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव गौरव फर्स्वाण ने बताया कि वर्ष 1960 में बिरही-गौणा मोटर मार्ग का निर्माण हुआ, लेकिन इससे सिर्फ निजमुला गांव का जोगिड़ा तोक सड़क से जुड़ा हुआ है। तड़ागताल और धारकुमाला गांव तक आज भी सड़क सुविधा नहीं है।
उन्होंने ग्राम पंचायत मानुरा, हडुंग, मौली और तड़ागताल को सड़क से जोड़ने की मांग की। प्रदर्शन में पूर्व ब्लॉक प्रमुख भगत सिंह बिष्ट, सुलप सिंह नेगी, अयोध्या प्रसाद हटवाल, माहेश्वरी देवी, कांता देवी, सतेश्वरी देवी, मंगल सिंह, अरविंद, जय सिंह आदि शामिल थे।
-----------------------