हाईवे की धूल उड़ने और पानी आपूर्ति न होने से बंद हुईं
उत्तरकाशी। आपदा प्रभावित धराली गांव के लिए लाई गईं वेसाइट ईटरीज (मार्ग किनारे खानपान) दुकानें हर्षिल मेें तेलगाड़ के समीप जंगल के बीच धूल फांक रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने गलत स्थान पर दुकानों को स्थापित किया था। वहां क्षतिग्रस्त हाईवे की धूल उड़ने और पानी की आपूर्ति की कमी के कारण दुकानों का संचालन नहीं हो पाया।
चारधाम यात्रा के तहत ग्रामोत्थान विभाग की ओर से धराली के आपदा प्रभावित ग्रामीणों के लिए लाखों की लागत से दस वेसाइट ईटरीज दुकानें हर्षिल में गंगोत्री हाईवे के किनारे तेलगाड़ में स्थापित की गई। उनके संचालन के लिए दस लोगों का लॉटरी के माध्यम से चयन भी किया गया। इसके बाद डीएम प्रशांत आर्य ने हीना और हर्षिल में लगी इन दुकानों का उद्घाटन भी किया। ग्रामीणों ने वहां दुकानें संचालित करने के लिए सामान आदि भी खरीदा लेकिन हाईवे से उड़ती धूल और पानी की आपूर्ति न होने से उनको दुकानें बंद करनी पड़ी। अब यह जंगल के बीच लावारिस पड़ी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से इन दुकानों के संचालन के लिए उनकी सुविधानुसार स्थान चयनित करने की अनुमति दी जाए। रीप के परियोजना प्रबंधक कपिल उपाध्याय का कहना है कि कुछ लोग दुकान का संचालन कर रहे हैं। स्थान डीएम की अनुमति के बाद ही बदला जा सकता है।