जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला समाचार लिखे जाने तक जारी रहा। भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। गंगोत्री में गंगा भागीरथी और केदार गंगा में आए उफान से लोग भयभीत हैं। गंगोत्री से गोमुख के बीच दो पुलिया बहने से करीब पचास कांवड़ यात्री भोजवासा की ओर फंसे हुए हैं। धरासू बैंड नालूपाणी में गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने से यातायात ठप पड़ गया है।
जनपद के विभिन्न हिस्सों में चौबीस से ज्यादा घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के चलते गंगा भागीरथी सहित इसकी सहायक नदियां एवं गाड-गदेरे उफान पर हैं। गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में भारी बारिश के चलते देवगाड और चीड़वासा गदेरे में आए उफान से दो पुलिया बह गईं।
गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंजर प्रताप पंवार ने बताया कि पुलिया बहने से करीब पचास कांवड़ यात्री चीड़वासा, भोजवासा की ओर फंसे हुए हैं। भोजवासा में तैनात एसडीआरएफ की टीम इन यात्रियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।
आश्रमों में भी घुसा पानी, सड़कों पर मलबा
बारिश के चलते गंगोत्री में गंगा भागीरथी पूरे उफान पर है। जबकि दूसरी ओर गंगा का पानी किनारे पर बने एक आश्रम में भी घुस गया है। हालांकि, किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, पवन सेमवाल, सतेंद्र सेमवाल आदि ने बताया कि गंगोत्री धाम में बिजली गुल होने से अंधेरा होने पर भागीरथी का उफान डरा रहा है। केदार गंगा भी उफान पर बह रही है। शनिवार सुबह से ही धरासू बैंड नालूपाणी में भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री हाईवे पर यातायात जोखिम भरा हो गया था। दोपहर करीब दो बजे से यहां भारी मलबा आने से यातायात ठप पड़ा है।
दर्जनों गांवों का संपर्क कटा
पुरोला। मोरी तहसील में भारी बारिश से धौला-दोणी-मुसाई सड़क अवरुद्ध हो गई है। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रोजी सिंह ने बताया कि गोविंद वन्य जीव विहार के अंतर्गत आने वाली यह सड़क अवरुद्ध होने से क्षेत्र के दोणी, भीतरी, सट्टा, खन्यासणी आदि आधा दर्जन गांवों का संपर्क कट गया है। सड़क अवरुद्ध होने से क्षेत्र की जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।