पशुपालन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा, भेड़ पालकों की चिंता बढ़ी
पुरोला। मोरी विकासखंड के सीमांत गांव लिवाड़ी में बुग्यालों से लौटने के बाद भेड़-बकरियों में बुखार के लक्षण सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की टीम गांव पहुंची और प्रभावित पशुओं की जांच कर उपचार शुरू कर दिया है। वहीं, विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
यमुना घाटी भेड़ पालक संघ के अध्यक्ष त्रेपन सिंह रावत ने बताया कि बुग्यालों से लौटने के बाद कई भेड़-बकरियों में अचानक बुखार के लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद मामले की सूचना पशुपालन विभाग को दी गई। विभागीय टीम ने गांव पहुंचकर प्रभावित पशुओं का परीक्षण शुरू कर दिया है लेकिन कई पशु अभी भी बुखार से पीड़ित हैं।
वहीं, ग्रामीण मोहन सिंह, चैन सिंह, नत्थी सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिमोहन ने बताया कि गांव में कई पशु बीमारी की चपेट में हैं। उन्होंने पशुओं में बुखार के कारणों की जांच कराने के साथ ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो अन्य पशु भी इसकी चपेट में आ सकते हैं और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वहीं, मोरी के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश स्वामी ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम को लिवाड़ी भेज दिया गया था। टीम प्रभावित भेड़-बकरियों का परीक्षण कर आवश्यक उपचार कर रही है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार पशुओं को आगे भी उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएगी।