किसानों ने की आवेदन की तिथि को बढ़ाने की मांग
पुरोला। नकदी फसल उत्पादक रवांई क्षेत्र में मटर की बुवाई के बाद से लगातार बारिश नहीं होने के कारण फसलों पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में किसान अपनी फसलों को आपदाओं से बचाने के लिए फसली बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन कराने में जुटे हैं जिसके चलते जन सेवा केंद्रों और तहसील कार्यालयों में किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। किसानों ने प्रशासन फसली बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 15 जनवरी बढ़ाने की मांग की।
जनपद में बीते तीन माह से बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हैं। इसे देखते हुए किसान फसली बीमा कराने में जुटे हैं। फसली बीमा के लिए खतौनी, आधार कार्ड, भूमि अभिलेख व फसल बुआई से संबंधित दस्तावेजों को तैयार कराने के लिए जन सेवा केंद्रों और तहसील परिसर में सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों से किसान पहुंच रहे हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित होने के कारण किसानों में जल्द बीमा कराने की होड़ लगी हुई है। तहसील परिसर में लंबी कतारों में खड़े होकर किसान खतौनी व अन्य आवश्यक दस्तावेजों में सुधार कराने सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसली बीमा योजना आपदा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा व कीट प्रकोप जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसलिए वे समय रहते बीमा कराना चाहते हैं।
क्षेत्र के काश्तकार श्यालिक राम, हकुमत रावत, कवींद्र असवाल, उपेंद्र शर्मा, जगमोहन पंवार ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान भीड़ और दूरदराज क्षेत्रों के किसानों की समस्या को देखते हुए फसली बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 15 जनवरी की जाए।