गंगोत्री में अधिकारियों की सुस्ती से लोगों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर आज भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विदेशी पर्यटकों सहित तीर्थधाम में आश्रम, होटल, धर्मशाला और विभिन्न निर्माण कार्यों में लगे करीब पांच सौ लोग यहां सुविधाओं की कमी से परेशान हैं।
गंगोत्री तीर्थधाम के कपाट नौ मई को खुलेंगे। यहां यात्रा की तैयारी को लेकर लोगों का गंगोत्री पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। गंगोत्री में जाड़ों के कपाट बंदी के बाद से बंद पड़ी उरेडा की 150 और 20 किलोवाट की दोनों लघु जल विद्युत परियोजनाओं को अभी तक चालू नहीं किया जा सका है।
बीएसएनएल सहित निजी कंपनियों की दूरसंचार सेवाएं भी अभी तक शुरू नहीं हुई हैं। गंगोत्री के लिए तीन स्रोत से पानी टेप कर बनायी गई पेयजल योजनाओं के नलों पर अभी तक पानी नहीं चल पाया है। एक अस्थाई स्रोत जोड़कर सिर्फ मंदिर क्षेत्र में ही पानी मिल पा रहा है, बाकी लोग भागीरथी नदी का पानी इस्तेमाल कर गुजारा कर रहे हैं।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल और साधु सभा गंगोत्री के पूर्व सचिव ब्रह्मचारी अनिल स्वरूप का कहना है कि यात्रा शुरू होने से एक माह पहले बिजली, पानी और दूरसंचार सुविधाएं बहाल किया जाना जरूरी है।
अभी भैरोघाटी से गंगोत्री तक नौ किमी सड़क चौड़ीकरण का काम व्यवस्थित न हो पाने के कारण वाहनों को मलबे से निकालने में दिक्कत आ रही है। बीते दिनों राज्यपाल के सलाहकारों द्वारा अधिकारियों को साथ लेकर गंगोत्री का दौरा किए जाने से यात्रा सुविधाएं दुरुस्त होने की उम्मीद बंधी है।