नई टिहरी। पुरानी पेंशन बहाल करने, वेतन विसंगतियां दूर करने, और पदोन्नति की सूची शीघ्र जारी करने सहित 27 सूत्री मांग को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का अनिश्चितकालीन धरना नौंवे दिन भी जारी रहा। मांगों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए इंजीनियरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरनास्थल में हुई सभा में महासंघ के शाखाध्यक्ष जयप्रकाश भट्ट ने कहा कि सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैए के कारण आज एक अप्रैल से आवश्यक सेवा से जुड़े जल संस्थान, पेयजल निगम और ऊर्जा निगम के इंजीनियर भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगतियां दूर करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, डिप्लोमा इंजीनियर्स को 10,16 और 26 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नत वेतनमान देने, पेयजल निगम और जल संस्थान का राजकीयकरण कर एकीकरण करने आदि 27 सूत्री मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। धरने पर बैठने वालों में शाखाध्यक्ष जय प्रकाश भट्ट, प्रांतीय सचिव सतीश भट्ट, मोहित रावत, त्रयंबक गैरोला, राजेंद्र सोंढ़ी, पूजा जोशी, शक्ति आर्य, गिन्नी वर्मा, मोहन सिंह, घनश्याम सैनी, शशांक बधानी, गोपाल सैनी, आशुतोष बिजल्वाण, रोहित पंवार, नितिन लेखवार और नरेंद्र भट्ट आदि शामिल थे। संवाद