गंगोत्री तक सड़क चौड़ीकरण को लेकर क्षेत्र के प्रतिनिधि और पर्यावरणविद् एक ऐसी सुदृढ़ सड़क का निर्माण चाहते हैं, जिसमें अधिक से अधिक हरियाली को बचाकर पर्यावरण का संतुलन बनाया जा सके। क्षेत्रीय प्रतिनिधि इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र ही पीएम मोदी को भेजेंगे।
दरअसल चारधाम के लिए केंद्र सरकार ने ऑल वेदर रोड का प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और पर्यावरणविदों के अनुसार इसमें पर्यावरण को काफी नुकसान होगा। उत्तरकाशी से गंगोत्री के बीच करीब 10 हजार दुर्लभ प्रजाति के हरे पेड़ों पर छपान हो रखा है।
गंगोत्री क्षेत्र में करीब 30 किमी के दायरे में देवदार के हरे जंगल हैं। इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरणविद् राधा बहन और सुरेश भाई के नेतृत्व में एक अध्ययन दल इस पर काम रहा है। इसमें जरूरत के अनुसार ही सड़क को चौड़ा करने, पेड़ों को बचाने, निर्माण कार्य में भारी मशीनों का उपयोग नहीं किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
भटवाड़ी, सुक्खी, जसपुर, पुरोली, झाला, हर्षिल आदि गांव के लोगों और प्रतिनिधियों से उन्होंने बातचीत की है। प्रधान बसंती देवी का कहना है कि लोग सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे लोग ऐसी सड़क चाहते हैं जिसमें उनकी खेती और जंगलों को कम क्षति पहुंचे।
देवदार के पेड़ों के कटान से पहले भूगर्भीय के साथ ही स्थानीय लोगों व पर्यावरणविदों के साथ अध्ययन कराया जाए। संवेदनशील भौगोलिक संरचना के आधार पर ही सड़क व अन्य निर्माण कार्य किए जाए।
-राधा बहन, पर्यावरणविद् व गांधी शांति प्रतिष्ठान की पूर्व अध्यक्ष
सड़क चौड़ीकरण होना भी जरूरी है, जिससे आवागमन सुगम हो सके। इससे ज्यादा से ज्यदा सैलानी और श्रद्धालु गंगोत्री आएंगे। जितने पेड़ सड़क निर्माण की जद में आएंगे, उसके बदले उतने पेड़ लगाए जाएंगे।
- गोपाल रावत, विधायक गंगोत्री