उत्तरकाशी। आदर्श रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला के सातवें दिन रविवार रात प्रयाग दर्शन, राम भरत मिलाप और भरत की अयोध्या वापसी के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और भरत के बीच अटूट प्रेम, त्याग और भाईचारे का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो उठे। वहीं, कथावाचक शांति प्रसाद भट्ट को मरणोपरांत उत्तरकाशी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
रामलीला मंचन के दौरान गंगा पार करने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण चित्रकूट पहुंचकर कुटिया बनाकर रहने लगते हैं। उधर, ननिहाल में रह रहे भरत को अयोध्या बुलाया जाता है। अयोध्या पहुंचने पर रानी कैकेयी उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी देती हैं। इसके बाद भरत शत्रुघ्न और पूरी सेना के साथ चित्रकूट पहुंचते हैं।
इस दौरान कथावाचक शांति प्रसाद भट्ट को उनके योगदान के लिए मरणोपरांत उत्तरकाशी गौरव सम्मान प्रदान किया गया। इस मौके पर सभासद संतोषी राणा, पंचराम राणा, समिति अध्यक्ष डॉ. जयेंद्र सिंह पंवार, भूपेश कुड़ियाल, अरविंद सिंह राणा, रमेश चौहान, महेंद्र सिंह पंवार मौजूद रहे।