नौगांव ब्लॉक के पाली गांव में ग्रामीणों व ग्राम विकास अधिकारी के बीच का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को ग्रामीणों ने ब्लॉक कर्मियों के खिलाफ ढोल-नगाड़े के साथ प्रदर्शन किया। वहीं संयुक्त कर्मचारी संगठन का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने ब्लॉक कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन कर तहसील मुख्यालय में धरना दिया। इस दौरान तीन सूत्री मांगों को लेकर एसडीएम के माध्यम से जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पाली गांव के साथ नौगांव ब्लॉक में अब तक मनरेगा, राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त व अन्य विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच, बीडीओ को बर्खास्त करने की मांग की गई। प्रदर्शन में मनोज प्रसाद, अनुसूया लाल, मनवीर रावत, ब्रह्मानंद, विजय राणा, हरदेव राणा, अरविंद सिंह, मुलक राज, गोविंद सिंह, संदीप बडोनी, राजेंद्र नौटियाल, सूर्य प्रसाद, जगमोहन शामिल रहे। इधर, विकास खंड मुख्यालय में संयुक्त कर्मचारी संगठन का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इसके समर्थन में क्षेत्र के कई प्रधान भी धरने पर बैठे। धरनास्थल पर पहुंचे सीओ सुरेंद्र भंडारी से कर्मचारियों की वार्ता विफल रही।
ये है मामला
बीते सोमवार को पाली गांव के पुथली तोक में पेयजल योजना की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम आई थी। इस दौरान शिकायतकर्ता पूर्व ग्राम प्रधान के पति भीष्म राणा की जांच की कार्रवाई की वीडियो बनाने को लेकर ग्राम विकास अधिकारी अनीता चौहान से विवाद हो गया जो हाथापाई तक पहुंच गया। बाद में वीडीओ ने बड़कोट थाने में भी मामले को लेकर तहरीर दी। वहीं भीष्म चंद ने वीडीओ पर उसके बेटे के साथ छीनाझपटी और हाथापाई का आरोप लगाया था। घटना के बाद जहां संयुक्त कर्मचारी संगठन ब्लॉक मुख्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। वहीं ग्रामीणों ने भी कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।