डा. रघुनंदन सिंह टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की ओर से आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने आपदाओं में होने वाले नुकसान को कम करने तथा राहत एवं बचाव कार्य संबंधी जानकारी दी।
कार्यक्रम निदेशक डा. ओमप्रकाश ने कहा कि आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य महत्वपूर्ण है। हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट की मनोवैज्ञानिक डा. मालनी श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से आपदा से पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव बताए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट नई दिल्ली के प्रोफेसर सूर्यप्रकाश ने भूस्खलन प्रबंधन के बारे में बताया।
जिला पूर्ति अधिकारी गोपाल मटूड़ा ने बताया कि समय-समय पर चलाए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं से लोग जागरूक हुए हैं। कार्यशाला में सीएमओ डा. डीपी जोशी, सीवीओ डा. प्रलयंकर नाथ, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी, डा. रजनीश, बीएस तोमर, जितेंद्र सक्सेना, वंदना, संगम सिंह, जय पंवार, मस्तान भंडारी आदि मौजूद रहे।