विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने चलाया क्षेत्र में अभियान
बड़कोट। बिजली चोरी और विभागीय लापरवाही के खिलाफ विद्युत विभाग ने बड़कोट क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया। विद्युत वितरण मंडल चकराता के अधीक्षण अभियंता युद्धवीर सिंह तोमर ने निरीक्षण के दौरान पामाड़ी गांव में बिजली चोरी के पांच मामले पकड़े गए। संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मीटर रीडिंग में मिली अनियमितताओं पर मीटर रीडरों और लाइनमैन को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा कि भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले विद्युत वितरण खंड बड़कोट कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधीक्षण अभियंता ने राजस्व वसूली और भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आरडीएसएस योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यालय से मिले राजस्व लक्ष्य को हर हाल में शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि बकाया वसूली अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं को समय पर नए विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने और उनकी शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान आरडीएसएस योजना के कार्यों की बेहद धीमी प्रगति पर अधीक्षण अभियंता ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में तत्काल तेजी नहीं लाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बीते शनिवार को अधीक्षण अभियंता ने धारी, कालोगी, बजलाड़ी, पामाड़ी, हिमरोल और कफनोल गांवों का औचक निरीक्षण कर बिजली मीटर रीडिंग की जांच की। निरीक्षण में कई खामियां मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कठोर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में एई रोशन लाल रतूड़ी, एडीओ बड़कोट अजय सेमवाल, रॉबिन मनोरिया, सुनील बिष्ट, अवरअभियंता प्रताप सिंह, नीरज नौटियाल, वीर दयाल, गौरव नाथ आदि मौजूद रहे।