चिन्यालीसौड़। करोड़ों रुपये की लागत से वर्ष 2014-15 में निर्मित चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे का टर्मिनल भवन रखरखाव के अभाव में अब जर्जर हालत में पहुंच गया है। भवन की क्षतिग्रस्त छत और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर के टूटे शीशे यहां तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।
हवाई अड्डे पर सेना और वायुसेना की गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती है। इसके अलावा पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी भी यहां तैनात रहते हैं। ऐसे में आंधी-तूफान या खराब मौसम के दौरान क्षतिग्रस्त छत से मलबा गिरने और टूटे शीशों के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। कर्मचारियों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
सरकार की ओर से हवाई अड्डे का संचालन वायुसेना को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बावजूद टर्मिनल भवन और अन्य संरचनाओं के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे परिसंपत्तियां लगातार बदहाल होती जा रही हैं। यूकाडा के एसीईओ संजय टोलिया ने बताया कि हवाई अड्डे की क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन कराया जा रहा है। जिलाधिकारी स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर टर्मिनल भवन सहित अन्य क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत कराई जाएगी। संवाद