जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बावजूद आमजन सबक लेने को राजी नहीं है। दोपहर दो बजे के बाद भले ही सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने पर कर्फ्यू प्रभावी दिख रहा है, लेकिन इससे पहले खुले बाजार में उमड़ रही भारी भीड़ कोरोना संक्रमण को आमंत्रण दे रही है।
बीते एक पखवाड़े के भीतर जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि देने को मिल रही है। रोकथाम के लिए प्रशासन ने दोपहर दो बजे के बाद बाजार पूरी तरह बंद कराकर बिना कारण के आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है, जिससे दोपहर दो बजे बाद तो जिले में कोरोना कर्फ्यू जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इससे पहले बाजार खुले होने के दौरान कोविड गाइड लाइन का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। लोग नगर क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर वितरण के बजाय रसोई गैस की होम डिलीवरी की मांग की है।
बाजार में उमड़ रही भारी भीड़ के बीच चालान के डर से लोग मास्क तो पहन रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का कतई पालन नहीं हो रहा है। साथ ही शादी समारोहों में भी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए पुन: लॉकडाउन की आवश्यकता जताई जा रही है। डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सख्त नियम जारी किए गए हैं। इनका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करके ही इस महामारी को हराया जा सकता है और इसमें सभी लोगों का सहयोग जरूरी है।