उत्तरकाशी। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को भी उचित मान्यता और प्रोत्साहन देने की मांग उठी है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों के विचारों को विकसित कर उन्हें मॉडल या प्रोजेक्ट का रूप देने में मार्गदर्शक शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
ब्लॉक संसाधन केंद्र डुंडा में सोमवार को आयोजित ब्लॉक स्तरीय इंस्पायर अवार्ड मानक अभिमुखीकरण कार्यशाला में राजकीय, अर्द्धशासकीय और निजी विद्यालयों के 42 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला समन्वयक इंस्पायर अवार्ड डॉ. राजेश जोशी ने की।
ब्लॉक समन्वयक डॉ. अनिल नौटियाल ने शिक्षकों को योजना के तहत विद्यार्थियों के नामांकन की प्रक्रिया और उनके नवाचारी विचारों को विकसित करने की जानकारी दी। कार्यशाला में शिक्षकों से विद्यालय स्तर पर नियमित गतिविधियां आयोजित कर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया गया। इस दौरान स्थानीय समस्याओं को चिन्हित कर उनके सरल, उपयोगी और नवाचारी समाधान तलाशने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने पर भी चर्चा हुई। संवाद