उत्तरकाशी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जनपद उत्तरकाशी के विद्यार्थियों के लिए तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग उठी है। रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में विधि संकाय स्थापित कर कानून की पढ़ाई शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सामूहिक मांग पत्र भेजा गया है।
छात्रों, अभिभावक, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ता समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजा गया है। उनका कहना है कि उत्तरकाशी सीमांत और पर्वतीय जनपद होने के बावजूद जिला मुख्यालय स्थित सबसे बड़े पीजी कॉलेज में तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को इसके लिए देहरादून या अन्य शहरों में जाना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों पर रहने, आने-जाने और पढ़ाई का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मांग पत्र में इस समस्या को विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और छात्राओं से जोड़ा गया है। स्थानीय स्तर पर विधि की पढ़ाई उपलब्ध न होने के कारण कई विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के इस विकल्प तक पहुंच मुश्किल हो जाती है। मांग-पत्र में सरकार से महाविद्यालय में पृथक विधि संकाय स्थापित कर तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए सैद्धांतिक और प्रशासनिक स्वीकृति देने की मांग की गई है। इसके साथ ही आवश्यक शिक्षकों और कर्मचारियों के पद, बजट व विश्वविद्यालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्धता एवं अनुमोदन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आग्रह किया गया है। होटल एसोसिएशन अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के पूर्व छात्र शैलेंद्र सिंह मटूड़ा ने कहा कि जिला मुख्यालय में विधि संकाय की स्थापना से उत्तरकाशी के साथ आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी कानून की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।