फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi News: मौसम की मार से सेब उत्पादन में गिरावट ने बढ़ाई बागवानों की चिंता

Tue, 23 Jun 2026 06:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
विज्ञापन
विज्ञापन
असमय बारिश, पाला और ओलावृष्टि से बचा है सामान्य उत्पादन का मात्र 10 फीसदी ही
विज्ञापन

सेब बागवानों के सामने गहराई परिवार के भरण-पोषण व बैंक ऋण चुकाने की समस्या
पुरोला। रवांई घाटी के सेब उत्पादक इस बार बेहद चिंतित हैं। क्षेत्र में असमय बारिश, पाला और बार-बार हुई ओलावृष्टि ने सेब की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। किसानों का कहना है कि इस बार बागों में सामान्य उत्पादन का मात्र 10 प्रतिशत सेब ही बच पाया है जिससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और बैंक ऋण चुकाने की समस्या खड़ी हो गई है।
सेब उत्पादकों का कहना है कि फूल आने के समय हुई बारिश और पाले ने अधिकांश फ्लॉवरिंग को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद जो थोड़ी-बहुत फसल बची थी वह लगातार हुई ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। इससे उत्पादन काफी गिर गया है। आराकोट के सेब उत्पादक किसान मनमोहन चौहान ने बताया कि उनके बगीचे से हर वर्ष करीब दो हजार सेब के बॉक्स तैयार होते थे लेकिन इस बार 60 से 70 बॉक्स निकलना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन

वहीं पुरोला क्षेत्र के किसान बिजेन्द्र रावत ने कहा कि उनके बगीचे से आमतौर पर लगभग एक हजार बॉक्स उत्पादन होता था जबकि इस बार पूरे बगीचे में 20 बॉक्स सेब निकलना भी कठिन लग रहा है। प्रमोद रावत, हरीश चौहान, प्रमोद, कपिल, राजेश, मनमोहन, रामप्रसाद आदि किसानों का कहना है कि उत्पादन में भारी गिरावट के कारण बागों में किए गए दवाइयों, खाद और अन्य प्रबंधन खर्चों की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन

रवांई घाटी के करड़ा, खलाड़ी, कुमोला, नौरी, स्यालुका, चींवा, बालचा, मौंडा, जागटा, सांकरी और जखोल सहित अनेक गांवों के सेब उत्पादक किसान इस वर्ष उत्पादन में भारी कमी से प्रभावित हुए हैं। बागवानों ने सरकार से जल्द राहत देने की मांग उठाई है। उद्यान विभाग के प्रभारी एवं उद्यान विशेषज्ञ हरीश रावत ने किसानों को सलाह दी कि कम उत्पादन के बावजूद बागों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें