फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi News: हर्षिल में भागीरथी में जमा मलबा दे रहा आपदा को न्योता

Sat, 01 Nov 2025 05:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
विज्ञापन
विज्ञापन
आपदा में तेलगाड से बहकर आ गया था एक कई टन मलबा
विज्ञापन

सिंचाई विभाग की ओर से पानी का डायवर्ड करने के नाम पर बनाई गई एक नहर
उत्तरकाशी। मानसून सीजन के बाद हर्षिल में बनी झील के पानी को डायवर्ट करने के नाम पर सिंचाई विभाग की ओर से मात्र एक नहर का निर्माण कर इतिश्री कर दी गई है जबकि नदी का पूरा वेग अभी हर्षिल में बस्ती की ओर ही बह रहा है। वहां पर किसी प्रकार के सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए। प्रशासन और विभाग की ओर से मानसून सीजन में मात्र कुछ वायरक्रेट लगाकर पल्ला झाड़ दिया गया जबकि खतरा अभी भी बरकरार है।
बीते पांच अगस्त को धराली के बाद तेलगाड में बह कर आए कई टन मलबे ने भागीरथी नदी के वेग को रोक दिया था। इससे वहां पर करीब एक से डेढ़ किमी लंबी झील बन गई थी। वहीं इस दौरान नदी के कटाव के कारण आवासीय भवन, रिजॉर्ट और गढ़वाल मंडल गेस्ट हाउस सहित हर्षिल थाने को खतरा हो गया था। उसके बाद कई दिनों तक सड़क नहीं खुलने के कारण वहां पर खतरा बना रहा।
विज्ञापन

सड़क खुलने के बाद पहुंची मशीनों ने वहां पर मलबे के बीच एक वैकल्पिक नहर बनाकर नदी के पानी काे डायवर्ट करने का कार्य किया लेकिन वह मात्र खानापूर्ति ही हुई। अभी भी नदी का पानी हर्षिल बस्ती की ओर ही बह रहा है। वहीं एक तरफ जमा कई टन मलबे को हटाने का प्रयास नहीं किया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन दिनों नदी का जलस्तर कम है।
विज्ञापन

वहीं नदी के बीच में भी कई टन रेत और मलबा दिख रहा है। इसलिए अगर इसे जल्द ही नहीं हटाया गया तो यह आगामी वर्ष की बरसात में फिर से झील का रूप ले लेगा। वहीं हर्षिल बस्ती की ओर भी सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से यह बड़ी आपदा का रूप ले सकती है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल ने बताया कि विशेषज्ञों की एक टीम की ओर से सर्वे किया गया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें