ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर की कार्रवाई की मांग
पुरोला। पुरोला-कुमोला-नौरी-गडोली मोटर मार्ग पर खड़े खोखले चीड़ के पेड़ों से आए दिन खतरे की आशंका बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े कई चीड़ के पेड़ पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन प्रेषित कर जल्द कार्रवाई की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान मंजू चौहान ने बताया कि इस मोटर मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। पांच गांवों के ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का भी इसी मार्ग से आवागमन होता है। बरसात और तेज हवाओं के दौरान इन पेड़ों के गिरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। इससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
कहा कि इस गंभीर समस्या की जानकारी पहले भी संबंधित विभागों को दी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन और वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते खतरनाक पेड़ों को नहीं हटाया गया तो भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि जनहित को देखते हुए वन विभाग को तत्काल निर्देशित कर सड़क किनारे खड़े जर्जर चीड़ के पेड़ों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए और कोई हादसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।