फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइबर ठगों ने किया ठगी का नया तरीका ईजाद

विज्ञापन
विज्ञापन
सावधान यदि आप व्यवसायी हैं तो फोन पर मिलने वाले आर्डर तैयार करने से पहले उसकी पूरी जांच पड़ताल कर लें। साइबर ठगों ने ठगी का एक नया तरीका ईजाद किया है। वह आपको फोन पर आपके व्यवसाय से संबंधित आर्डर देकर पेमेंट के लिए आपका गूगल पे या फोन पे नंबर मांगेंगे। बाद में आपके एकाउंट से जमा राशि को ले उड़ेंगे। ऐसा ही एक वाकया उत्तरकाशी मुख्य बाजार में एक होटल व्यवसायी के साथ हुआ। हालांकि होटल व्यवसायी के बेटे की सतर्कता के चलते साइबर ठग अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए।
विज्ञापन

उत्तरकाशी मुख्य बाजार के कलक्ट्रेट गेट के समीप एक होटल स्वामी को रविवार दोपहर करीब दो बजे एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को इंडियन आर्मी का अधिकारी बताते हुए 20 व्यक्तियों के लिए भोजन तैयार करने का आर्डर दिया। साथ ही शाम चार बजे तक आर्डर लेने की बात कही। जब होटल व्यवसायी ने भोजन तैयार कर उसी नंबर पर फोन कर आर्डर पूरा किए जाने की सूचना दी, तो उक्त व्यक्ति ने आर्डर के भुगतान के लिए गूगल पे का नंबर मांगा। साथ ही यह भी कहा कि वह गूगल पे नंबर की पुष्टि के लिए एक रुपये का भुगतान मेरे नंबर पर करें। होटल स्वामी के बेटे ने व्यक्ति की ओर से दिए गए गूगल पे नंबर पर एक रुपये का भुगतान किया। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने फोन पर भोजन के पूूरे बिल की राशि को गूगल पे पर भेजने के लिए कहा। साथ ही यह भी कहा कि उक्त राशि आपके बिल में जोड़ कर वापस कर ली जाएगी। इस प्रक्रिया को उक्त व्यक्ति ने एक विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा बताया। जब होटल व्यवसायी के बेटे ने गूगल पे करने से इंकार कर दिया, तो आर्डर देने वाले व्यक्ति ने फोन काट दिया। इसके बाद होटल व्यवसायी उक्त नंबर पर फोन करता रहा, लेकिन दूसरी ओर से किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में फोन नंबर स्विच आफ कर दिया गया। रविवार होने के चलते होटल व्यवसायी द्वारा बनाया गया 20 व्यक्तियों का भोजन भी बर्बाद हो गया। हालांकि होटल व्यवसायी के बेटे की सतर्कता के चलते साइबर ठग एकाउंट से पैसे उड़ाने के मंसूबे में सफल नहीं हो पाए।
- साइबर ठगी पर नियंत्रण के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसके साथ ही कई मामलों का खुलासा कर साइबर ठगों को गिरफ्तार भी किया गया है। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता महत्वपूर्ण है। -मणिकांत मिश्रा, एसपी, उत्तरकाशी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें