नौगांव बिमार महिला को स्ट्रेचर पर बैठा कर कमल नदी पार करते थली के लोग।
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सड़क सुविधा न होने से थली गांव के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को गांव की एक महिला की तबियत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने उसे स्ट्रेचर की मदद से तीन किमी दुर्गम पैदल दूरी तय कर और उफनती कमल नदी को पार कर अस्पताल पहुंचाया। साड़ा तोक में बिना पुल के उफनती कमल नदी को पार करना जोखिम भरा बना है। ग्रामीणों ने गांव के लिए निर्माणाधीन सड़क और पुल का कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
सड़क मार्ग से दूर थली गांव के ग्रामीण तीन किमी दुर्गम पैदल दूरी तय कर साड़ा तोक पहुंचते हैं और यहां बिना पुल के कमल नदी को पारकर सड़क तक पहुंचते हैं। सितंबर 2019 में साड़ा तोक में बल्ली के सहारे उफनती कमल नदी को पार करते समय पैर फिसलकर नदी में बहने से थली गांव निवासी युवराज राणा की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार ने थली गांव के लिए दस किमी मोटर मार्ग और कमल नदी पर मोटर पुल को स्वीकृति दी है। आजकल इसका निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इसे तैयार होने में अभी समय लगेगा। प्रधान अमीन राणा ने जल्द मार्ग और पुल निर्माण की मांग की।