कलेक्ट्रेट ढांचे के पुनर्गठन सहित अन्य मांगों के निराकरण पर अड़े
उत्तरकाशी। कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। कर्मचारियों ने लंबित मांगों का जल्द निस्तारण करने की मांग उठाई। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
संघ के जिलाध्यक्ष करन भंडारी के नेतृत्व में कर्मचारी कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन वर्ष 2005 से लंबित है। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट को विशेष कार्यालय या विभाग का दर्जा देने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। कर्मचारियों ने शासन से इन मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
वहीं, कर्मचारियों ने कनिष्ठ सहायक की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट के स्थान पर स्नातक करने और विभिन्न पदों के ग्रेड पे में संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कनिष्ठ सहायक का ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 2800, वरिष्ठ सहायक का 2800 से 4200, प्रधान सहायक का 4200 से 4600, प्रशासनिक अधिकारी का 4600 से 4800, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का 4800 से 5400 और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का ग्रेड पे 5400 से बढ़ाकर 6600 करने की मांग की।
इसके अलावा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने और नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलेक्ट्रेट संवर्ग से 10 प्रतिशत पद निर्धारित करने की मांग भी रखी गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर राकेश सिंह चौहान, गिरजा शंकर नौटियाल, वीरपाल पंवार, राजेश पैन्यूली, कुलदीप राणा, शुभंम राणा, उत्तम सिंह राणा आदि मौजूद रहे।