नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में पहाड़ी वास्तुशिल्प के अनुसार म्यूजियम का निर्माण कराने के बाद अब कलक्ट्रेट भवन को भी पारंपरिक स्वरूप दिया गया है। भवन बनकर तैयार होने के बाद आजकल खासे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
करीब एक साल पहले बनकर तैयार हो चुके निम के म्यूजियम का अभी तक लोकार्पण नहीं हो पाया है और इधर 34.60 लाख रुपये की लागत से कलक्ट्रेट भवन का निर्माण भी पहाड़ी शैली में किया गया है। इसमें लकड़ी की नक्काशीदार तिबार लगाने के साथ ही टाइल्स के माध्यम से पत्थर की चिनाई का लुक देने का प्रयास किया गया है। पहाड़ी शैली से तैयार कलक्ट्रेट भवन आजकल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रशासन जिले के अन्य सरकारी भवनों को भी पहाड़ी शिल्प से बनाने की तैयारी कर रहा है।
भवन निर्माण शैली किसी भी स्थान की विशेष पहचान होती है। इसलिए सरकारी भवनों को पहाड़ी शिल्प के अनुसार तैयार किया जा रहा है। कलक्ट्रेट भवन के बाद अब नए बन रहे सीएमओ कार्यालय व ग्रोथ सेंटर भी पहाड़ी शिल्प से तैयार किया जा रहा है।
मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।