- केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी नहीं की तय, बने जानवरों के आराम के अड्डे
नौगांव (उत्तरकाशी) नगदी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए फल सब्जी संग्रह केंद्र (कलेक्शन सेंटर) बगैर उपयोग के ही खंडहर हो गए हैं। खंडहर में तब्दील कलेक्शन सेंटर नगदी फसलों की जगह आवारा पशुओं के आराम के अड्डे बने हुए हैं। इनके चारों तरफ उगी झाड़ियां और टूटी हुई खिड़की व दरवाजे सरकारी धन के दुरुपयोग की गवाही दे रहे हैं। रवांई घाटी के नौगांव, पुरोला और मोरी ब्लॉक के काश्तकार बड़ी मात्रा में नगदी फसलों का उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं। वर्ष 2012-13 में ग्राम्य विकास विभाग ने नगदी फसल बाहुल्य क्षेत्रों में काश्तकारों की सुविधा के लिए नौगांव पुरोला और मोरी ब्लॉक में बड़ी संख्या में फल सब्जी संग्रह केंद्र बनाए थे। अकेले नौगांव में ही करीब एक दर्जन कलेक्शन सेंटर बनाए गए थे जिससे बरसात में काश्तकार टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन आदि नगदी फसलों को यहां सुरक्षित रखकर मंडी पहुंचा सके और फसल को कोई जानवर नुकसान न पहुंचा पाए। किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन सिंह राणा ने कहा कि विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर कलेक्शन सेंटर तो बना दिए लेकिन संचालन के लिए जिम्मेदारी तय नहीं की गई। अधिकांश सेंटर गलत जगह पर बनाए जाने से काश्तकार इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और वह खंडहर हो गए हैं।
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मुझे कुछ महीने पहले ही नौगांव का चार्ज मिला है। यहां कितने कलेक्शन सेंटर कहां पर बने हैं, इसकी अभी जानकारी नहीं हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुछ कलेक्शन सेंटरों को देखने से लगा कि उनका उपयोग न होने से वह बेकार पड़े हुए हैं। कैलाश चंद रमोला खंड विकास अधिकारी नौगांव।