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20 साल बाद झर्झर गाड़ पैदल पुल बनकर तैयार

Sat, 17 Dec 2016 09:39 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
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यमुनोत्री हाईवे से लगे पांच गांवों को जोड़ने वाला झर्झर गाड़ पैदल पुल 20 साल बाद बनकर तैयार है। विभाग नए साल में पुल से ग्रामीणों की आवाजाही शुरू कर देगा। पुल बनने से अब ग्रामीण एक दूसरे गांव में आसानी से जा सकेंगे।
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बता दें कि 17 जुलाई 1997 में बरसात के दौरान यमुनोत्री हाईवे से लगे झर्झर गाड़ पर बना पैदल पुल बह गया था। पुल बहने से पांच गांव के लोग अलग-थलग पड़ गए थे, लेकिन अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय बहे पुल की सुध उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व आने के बाद भी सरकारों ने नहीं ली। बीते वर्ष सीएम हरीश रावत ने बड़कोट दौरे के दौरान जब सुना कि झर्झर गाड़ पर ध्वस्त पुल 19 साल बाद भी नहीं बना, तो उन्होंने तत्काल लोनिवि के अधिकारियों को पुल निर्माण के निर्देश दिए।

68 लाख की लागत वाला झर्झर गाड़ का पैदल पुल अब 20 साल बाद बनकर तैयार है। 24 मी. स्पान के पक्के पुल की मांग 20 साल बाद पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी है। गांव के मनवीर रावत कहते हैं कि एक अदद पुल बनाने के लिए क्षेत्र के दागुड़ गांव, राना, पिंडकी, मदेश, निसणी गांव के ग्रामीणों को बीस साल का इंतजार करना पड़ा, जिससे पता चलता है कि सरकारें गांवों के विकास के प्रति कितनी गंभीर सोच रखती है। वे बताते हैं कि पुल नहीं बनने के कारण 20 साल से पांच गांव के ग्रामीण एक-दूसरे से बिल्कुल अलग-थलग पड़े रहे।
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इन गांवों में करीब तीन हजार की आबादी निवास करती है। इधर, लोनिवि बड़कोट के अधिशासी अभियंता बीडी भट्ट ने बताया कि पुल बनकर तैयार हो गया है। कुछ औपचारिकता पूरी करने के बाद विभाग की ओर से अगले नव वर्ष में पुल से आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
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