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Uttarkashi News: चारधाम यात्रा से पहले बीआरओ की सुस्ती बढ़ाएगी मुसीबत

Sun, 15 Feb 2026 06:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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गंगोत्री हाईवे पर सक्रिय भूस्खलन जोन और धंसी हुई सड़कों से हो सकती दिक्कत
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चिन्यालीसौड़ से लेकर सोनगाड तक भूस्खलन जोन के साथ धंसी हुई हैं सड़के
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर गत वर्ष के मानसून सीजन में सक्रिय भूस्खलन जोन इस वर्ष भी चारधाम यात्रा में बड़ी मुसीबत बनेंगे लेकिन अभी तक इनके ट्रीटमेंट और गंगोत्री हाईवे की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार के कार्य नहीं किए गए हैं। चिन्यालीसौड़ से लेकर सोनगाड तक भूस्खलन जोन के साथ ही धंसी हुई सड़कें बड़ी मुसीबत बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो माह बाद चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी।
गत वर्ष की आपदा के दौरान चिन्यालीसौड़ से जनपद मुख्यालय तक धरासू, नालूपानी, शनि मंदिर के समीप नए भूस्खलन जोन सक्रिय हुए थे। साथ ही रतूड़ीसेरा में हालांकि बीआरओ की ओर से ट्रीटमेंट कार्य किया जा रहा है लेकिन उस पर धीमी गति से हो रहा कार्य दोबारा मुसीबत बन सकता है। वहां पर स्थिति यह है कि हल्की बारिश में भी मलबा और बोल्डर हाईवे पर गिर जाते हैं।
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साथ ही नए सक्रिय भूस्खलन जोन से बीआरओ की ओर से मात्र गंगोत्री हाईवे से मलबा हटाया गया लेकिन उस पर किसी प्रकार के सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए। यही स्थिति जनपद मुख्यालय से सोनगाड तक बनी हुई है। इस बीच में कई वर्षों से नासूर बना नेताला भूस्खलन जोन के साथ ही ओंगी सहित डबरानी के समीप सक्रिय नए भूस्खलन जोन खतरा बनेंगे। साथ ही भटवाड़ी में दो स्थानों पर हाईवे का करीब 100 से 150 मीटर हिस्सा धंस गया था।
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वहीं, नाग मंदिर के समीप आपदा में बहे पुल के स्थान पर वैली ब्रिज तो बना लेकिन उसके आसपास क्षतिग्रस्त सड़क भी दुर्घटना को न्योता दे रही है। बीआरओ और प्रशासन की यह लापरवाही आगामी चारधाम यात्रा के दौरान एक बार फिर बड़ी मुसीबत बनेगा। इस संबंध में अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने पर नहीं हो पाया।
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