दयारा बुग्याल के बेस गांव नटीन में मनाया गया विश्व पर्यटन दिवस पर मेला
उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल के बेस गांव नटीन में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित मेले में इस बार पर्यटन को नए आयाम देने की पहल हुई। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पहली बार पक्षी अवलोकन और रोप क्लाइंबिंग जैसी प्रकृति एवं साहसिक गतिविधियां शुरू की गईं। वहीं, बारिश के बीच ग्रामीणों ने पारंपरिक रासों-तांदी नृत्य प्रस्तुत कर लोक संस्कृति की झलक पेश की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राघवेंद्र माहाराज और मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट ने किया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों की पहल सराहनीय है। ऐसी गतिविधियों से पर्यटकों का रुझान बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचीं ध्याणियों की सराहना करते हुए कहा कि ध्याणी मिलन उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वहीं, दयारा विश्व पर्यटन समिति के अध्यक्ष राजकेंद्र सिंह थनवाण ने कहा कि दयारा बुग्याल जाने वाले पर्यटकों के लिए नटीण गांव प्रमुख पड़ाव है। क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पक्षी अवलोकन और रोप क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियां शुरू की गई है। इससे पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित होने के साथ ही युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। इस दौरान विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर ग्राम प्रधान सोना थनवाण, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष राणा, मनोज पंवार, मनोज राणा, दीपक रावत, प्रभाकर जोशी आदि मौजूद रहे।