उत्तरकाशी। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली भोजन माताओं ने अब मानदेय बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। रविवार को काली कमली धर्मशाला में हुई बैठक में भोजन माताओं ने न्यूनतम मानदेय 15 से लेकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई।
भोजन माता संगठन की जिलाध्यक्ष ज्ञानदेई चौहान ने कहा कि भोजन माताएं स्कूलों में भोजन तैयार करने, वितरण और उससे जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय महंगाई के अनुपात में काफी कम है।
बैठक में पांच सूत्रीय मांगों पर चर्चा हुई। इनमें 12 माह का मानदेय, 15 से 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, आकस्मिक अवकाश, सेवा के दौरान भोजन माताओं को पद से न हटाने और 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की मांग शामिल है। बैठक में दर्शनी, पूनम, राजी देवी, सुमित्रा पंवार, लक्ष्मी, रेशमा बग्याल आदि मौजूद थे। संवाद