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Uttarkashi News: बैली ब्रिज अधूरा, खड्ड पार करने के लिए जेसीबी ही सहारा

Sat, 08 Aug 2026 06:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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आपदा में मोटर पुल क्षतिग्रस्त होने के एक साल बाद भी आवागमन पूरी तरह नहीं हो पाया बहाल
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बरसात में ग्रामीणों के सामने उफनाए खड्ड को पार होता है चुनौती
बड़कोट। गीठ पट्टी के कुपड़ा, कुनसाला और त्रिखली गांवों के ग्रामीणों के लिए कुपड़ा खड्ड पार करने को इन दिनों पुल के बजाय जेसीबी का सहारा लेना पड़ रहा है। आपदा में मोटर पुल क्षतिग्रस्त होने के एक साल बाद भी आवागमन पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। निर्माणाधीन बैली ब्रिज तैयार नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बरसात में उफनते खड्ड को पार करने में परेशानी हो रही है।
कुपड़ा खड्ड पर बैली ब्रिज निर्माण के लिए लगी जेसीबी से जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित तरीके से आरपार कराया जा रहा है। खासकर स्कूली बच्चों को खड्ड पार कराने में मशीन का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि, बारिश के दौरान खड्ड में अचानक पानी बढ़ने और मलबा व पत्थर आने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल की आपदा में खड्ड पर बना मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद आवागमन बहाल करने के लिए बैली ब्रिज का निर्माण शुरू किया गया लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पुल तैयार नहीं हो सका है। मजबूरी में ग्रामीण और स्कूली बच्चे उफनते खड्ड को पार कर रहे हैं।
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लोनिवि के ईई नवीन ध्यानी ने बताया कि बारिश और खड्ड में मलवा-पत्थर आने से बैली ब्रिज के निर्माण में व्यवधान हो रहा है। निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल जेसीबी की मदद से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा रहा है।
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