धनारी क्षेत्र के किरूण गांव में गर्मी की शुरूआत से ही पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों में रोष है। एक पेयजल योजना का स्रोत सूखने और दूसरी योजना सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त होने से यह स्थिति आई है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
डुंडा ब्लाक के अंतर्गत किरूण धनारी गांव में जल संस्थान की ओर से तैयार पेयजल योजना से जलापूर्ति की जाती है। इस योजना का स्रोत गर्मियों में सूखने पर पानी के संकट को देखते हुए ग्रामीणों ने सिंह नामे तोक से दूसरी पेयजल योजना का निर्माण किया था, लेकिन यह योजना पिपली-दड़माली मोटर मार्ग निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई।
अब गर्मी शुरू होने के साथ ही ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण करीब डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर हैं। बार-बार मांग करने पर भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने डीएम को पेयजल समस्या से अवगत कराया। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेयजल योजना दुरुस्त कराने तथा गांव में हैंडपंप लगवाने की मांग की। समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीएम विनय शंकर पांडेय ने लोनिवि प्रांतीय खंड को सड़क कटान से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना तत्काल दुरुस्त कराने तथा जल संस्थान को गांव में पेयजल समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में यशपाल सिंह, हरदेव सिंह, खेमराज, सोहन सिंह, मंगल सिंह, अतोल सिंह, भरत चंद, जगमोहन सिंह, इंद्रपाल, नत्थी सिंह आदि शामिल रहे।