सेब ढुलान के लिए हरियाणा से ट्रक और मजदूर लेकर पहुंचे कोल्ड स्टोर संचालक को स्थानीय ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया। टकनौर क्षेत्र के यह ग्रामीण कोरोना संक्रमण की आशंका से डरे हुए हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सेब को मंडियों तक पहुंचाने का इंतजाम करने की मांग उठाई। एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
उत्तरकाशी की सेब बेल्ट उपला टकनौर क्षेत्र में बीते दो साल से कोल्ड स्टोर चल रहा है। सरकार ने स्टोर के संचालन का जिम्मा हरियाणा की एक कंपनी को दिया है। इस कोल्ड स्टोर में करीब 40 मीट्रिक टन सेब जमा है।
ऑफ सीजन में सेब से अच्छे दाम वसूलने की उम्मीद कर रहे किसान कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन से बेहाल हैं। अक्तूबर-नवंबर में कोल्ड स्टोर में जमा किया गया सेब मार्च-अप्रैल तक मंडियों में पहुंचता था, लेकिन इस बार सेब स्टोर से नहीं निकल पाया।
रविवार को कोल्ड स्टोर संचालक सेब ढुलान की अनुमति लेकर झाला पहुंचा तो क्षेत्र के ग्रामीणों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। उनका सवाल था कि जब जिले में स्थानीय लोगों को आवाजाही की अनुमति नहीं, चार धाम यात्रा भी रोकी गई है, तो बाहरी क्षेत्रों से मजदूरों और वाहनों को प्रवेश क्यों दिया जा रहा है? ज्ञापन सौंपने वालों में बगोरी झाला की क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीका रौतेला, सुक्की की क्षेत्र पंचायत सदस्य रोशनी देवी, हर्षिल के प्रधान दिनेश रावत, झाला की प्रधान सुरजा देवी, जसपुर प्रधान हरीश राणा, पुराली प्रधान बीना देवी, सुक्की प्रधान रेखा देवी आदि शामिल थे।