धराली आपदा : मांगों को लेकर गणतंत्र दिवस के प्रदर्शन की बनाई थी रणनीति
मौके पर पहुंचे प्रशासन ने 15 दिन में समस्या हल करने का दिया आश्वासन तो माने प्रभावित
उत्तरकाशी। आपदा प्रभावित धराली गांव के लोग पुनर्वास नीति और नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति के साथ गणतंत्र दिवस पर काली कमली धर्मशाला में एकत्रित हुए। उन्होंने आपदा के छह माह बाद भी सरकार की ओर से किसी प्रकार का काम नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए पहुंची एसडीएम, एडीएम और उसके बाद डीएम के 15 दिन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने अपने कार्यक्रम को स्थगित किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार धराली गांव के ग्रामीण कालीकमली धर्मशाला में एकत्रित हुए। वहां पर पहले आमसभा का आयोजन किया गया। उसमें वक्ताओं ने कहा कि आपदा को बीते हुए छह माह का समय हो गया है लेकिन अभी तक उनके पुनर्वास के लिए किसी प्रकार की नीति नहीं बन पाई है। साथ ही अभी तक होटलों, भवनों का उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है।
दूसरी ओर अब शीतकाल के बाद लोग अपने गांव लौटेंगे लेकिन वहां पर अभी तक प्रभावित लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं है। इसलिए गणतंत्र दिवस पर पूरे नगर में जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। ग्रामीणों की चेतावनी की जानकारी मिलते ही डीएम की ओर से पहले एडीएम और एसडीएम मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने आंदोलन के कार्यक्रम को सुचारू रखने की बात कही। उसके बाद डीएम प्रशांत आर्य मौके पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि उनके मुआवजे और अन्य प्रक्रियाओं की कार्रवाई चल रही है। साथ ही 15 दिन के भीतर सभी मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित किया और उसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।