सड़क निर्माण के दौरान सात वर्ष पूर्व शुरू हुआ था भूस्खलन
डीएम ने भू-वैज्ञानिकों व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए सर्वे रिपोर्ट देने के निर्देश
उत्तरकाशी। अस्सी गंगा घाटी के अगोड़ा गांव के ऊपर सक्रिय भूस्खलन जोन का भू-वैज्ञानिकों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से संयुक्त सर्वे किया जाएगा। गांव के लिए सड़क निर्माण के दौरान करीब सात वर्ष पूर्व यह भूस्खलन शुरू हुआ था। साथ ही बीते वर्ष यहां पर मलबा आने के कारण एक भवन दब गया था। ग्रामीणों की मांग पर डीएम प्रशांत आर्य ने भू-वैज्ञानिकों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जल्द ही सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
करीब सात वर्ष पूर्व संगमचट्टी-अगोड़ा मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान अगोड़ा गांव के ऊपर करीब 50 मीटर लंबा और तीस मीटर चौड़ा भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया था। उसके बाद से हर बरसात में वहां पर बड़ी आपदा का खतरा बना रहता है। गत वर्ष मानसून सीजन के दौरान वहां पर मलबा आने के कारण एक दो मंजिला भवन दब गया था। साथ ही उसके नीचे बने करीब 20 से अधिक भवनों को भी खतरा बना हुआ है।
ग्रामीण लंबे समय से इसके ट्रीटमेंट व गांव की सुरक्षात्मक कार्यों की मांग कर रहे थे। बीते सप्ताह डीएम जब अस्सी गंगा की सड़क संबंधी समस्या को देखने अगोड़ा गांव पहुंचे तो वहां पर ग्रामीणों ने वहां पर स्थलीय यथास्थिति से अवगत करवाया। कहा कि अगर जल्द ही इस भूस्खलन जोन पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए जाते तो यह भविष्य में बड़ी आपदा का रूप ले सकता है।
क्योंकि इसके नीचे अगोड़ा गांव की आधी आबादी निवास करती है। साथ ही अगोड़ा डोडीताल ट्रैक का बेस कैंप होने के साथ ही हर वर्ष यहां पर हजारों ट्रैकर्स और पर्यटक पहुंचते हैं। साथ ही वहां पर होमस्टे भी बने हैं। डीएम ने कहा कि स्थलीय निरीक्षण के बाद भू-वैज्ञानिकों सहित सिंचाई व सड़क संबंधित विभागीय अधिकारियों को संयुक्त सर्वे का निर्देश दिया गया है। एक-दो दिन में टीम वहां पर निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी।